नेताजी अपराध के धरे सीस परि हाथ l
जब तब कियो धूर्तता प्रजा तंत्र कर साथ l१३l ....
नेता जी ने अपराध को प्रोत्साहित किया हुवा है वह जब तब प्रजातंत्र के साथ धूर्तता करते दिखाई देते हैं |
नेताजी अपराध के धरे सीस परि हाथ l
जब तब कियो धूर्तता प्रजा तंत्र कर साथ l१३l ....
नेता जी ने अपराध को प्रोत्साहित किया हुवा है वह जब तब प्रजातंत्र के साथ धूर्तता करते दिखाई देते हैं |
भरे दया के भाव से,देख घाव गंभीर l
दे रक्त प्राण दान दे,वही है रक्त वीर ll१ ||
घर घर होती बेटियाँ, पढ़ लिख कर गुणवान l
यह शिक्षा फलीभूत जब, रखे पिता का मान ll२||
सिंहासन राम बिराजे,साजै राज द्वारि |
देव मुनिहि सन भगत जन,करत चरन जोहार ||१ ||
मानिक मुकुता रतन मनि, सुबरन मई द्वार |
पचि कोरि कुसुम अहिबेलि बँधेउ बँदनिवार ||२||
सुलभ भई भगवत कथा, सरल भयो हरि नाम l
भजत भगत जन भव तरत,करत जगत कै काम ||३||
एकाक दिसि प्रवाह लेय धर्मादा दरसात l खेती तबहि उपजए जब चहुँ दिसि घन बरसात ll९ II
वर्तमान में धर्मादा एकल दिशिक प्रवाहित होता दर्शित हो में रहा प्रतीत हो रहा है कृतफल स्वरूपी उपज तभी उत्पन्न होती है जब वर्षा या धर्मादा चारों दिशाओं में वर्षता है
8 जून 2025
सत दया तप धर्म दान, जाका नेम बिधान |
भारत के लोग सो जो, भारत की संतान ||१ ||