Thursday, 31 January 2013

----- ।। अमृत सूक्ति ।। -----

"माया का यह चारित्रिक लक्षण है की वह किसी को भी एक नहीं होने देती....."

"ज्ञान, सीख अथवा विद्या की प्राप्ति उच्च आसंदी पर विराजित हो कर नहीं
 अपितु निम्न स्थान ग्रहण करने से होती है....."

Thursday, 17 January 2013

----- ।। भ्रष्टाचार के भँवर पाश ।। -----

"एक भ्रष्ट, अराजकता पूर्ण व्यवस्था का मत,विचार अथवा 
 अन्य किसी भी साधन से समर्थन या  समर्थन  की साग्रह 
 एवं  सार्वजनिक  प्रार्थना/अपील  का  अर्थ  है भ्रष्टाचार का 
 समर्थन,और भ्रष्टाचार का समर्थन आपको  भ्रष्टाचारी सिद्ध
 करता है....." 

Thursday, 3 January 2013

----- || सभ्यता के सोपान पंथ || -----


 " आधुनिक सभ्यता वही है जो मनुष्य का चारीत्रिक उन्नय कर उसकी
   जाति एवं समाज का समवेत विकास करे..,"

"  आधुनिक सभ्यता के अनुसरण से  पूर्व इसका भी  समाकलन हो कि
   आधुनिक एवं पौराणिक सभ्यता की वैचारिकता में परस्पर कौन सा
   आचरण आधुनिक अथवा पौराणिक है..,


" वही विचार आत्मसात करने योग्य हैं जो उत्तम चरित्र का निर्माण करने
  में समर्थ हों..,"